
गोहर (मंडी)। लोकसभा चुनाव के महापर्व में देश के दूसरे सबसे बड़े मंडी संसदीय क्षेत्र में 7 मई को होने वाले चुनाव में उतरे प्रत्याशियों से सेब बागवान जवाब मांग रहे हैं। मंडी संसदीय क्षेत्र में 17 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें अधिकतर विस क्षेत्रों में सेब की पैदावार होती है। ऐसे में हर साल ओलावृष्टि से सेब बागवानों को हो रहे लाखों के नुकसान के बदले मुआवजा के नाम पर चवन्नी भी नहीं मिलती। इस बार बागवान रणनीति बना चुके हैं कि दोनों बड़े राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के चुनाव में उतारे प्रत्याशियों से सेब के नुकसान के बदले मिलने वाले मुआवजे पर सवाल उठाए जाएंगे।
एक दशक से मंडी संसदीय क्षेत्र के हजारों सेब बागवान ओलावृष्टि से नुकसान झेल रहे हैं। लेकिन आकलन करने के बाद सरकारें मुआवजा देना भूल जाती हैं। इससे बागवानों की सेब बागीचों की ओर होने वाली दिलचस्पी कम होती जा रही है। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में मंडी संसदीय क्षेत्र के सेब की सर्व प्रथम दस्तक होती है। प्रगतिशील सेब बागवानों राम लाल ठाकुर, गोपाल सिंह ठाकुर, भीम सिंह ठाकुर, भवदेव, दुर्योद्धन सिंह, चंद्रमणी, शिवशरण चौहान, निर्मल सिंह, देवी राम, एसके ठाकुर, सेवक राम, रमेश ठाकुर, लाभ सिंह और चतर सिंह ठाकुर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व मंडी संसदीय क्षेत्र के सेब बागवान ओलावृष्टि से सेब को हो रहे करोड़ों के नुकसान के मुआवजे को लेकर प्रत्याशियों का घेराव कर उनसे जवाब मांगेंगे।
